संदेश

कारगिल युद्ध के वीर जवानों(कविता)

ओ भारत माता के तुम वीर जवानों,  कारगिल युद्ध के तुम तीर कमानों।  तुमने भारत माता की लाज बचाई,  सीने पर अपने जब गोलियाँ खाईं।  धरा रक्त से लाल हुई तब,  साँसों में गूंजी बस मातृभूमि की शपथ।  अंतिम साँस तक लड़े तुम वीरों,  पर धीर न खोया तुमने रणधीरों।  दुश्मन दल का किया डट कर सामना,  उनको भी सूझा न बचने का कोई ठिकाना।  घुटने टेकने पर मजबूर हुआ तब,  भारत की ओर आँख उठाने वाला।  टाइगर हिल पर तिरंगा फहराकर,  तुम्हारे शौर्य से देश हर्षाया।  अपनी शहादत की गाथा लिखकर,  मातृभूमि का तुमने मान बढ़ाया।  कारगिल दिवस तुम्ही से शुशोभित,  दर्शाता है तुम्हारा अधम्य योगदान।  तुमने जीत की शिला रखी भारत में,  शहादत के लिखे गये तुम पैग़ाम।  कोटि कोटि नमन है ऐसे वीरों को,  जो देश की शान बढ़ाते हैं।  अपने प्राण न्यौछावर करके,  एक सच्चे योद्धा कहलाते हैं।  प्रेषक - दीप्ति सोनी

प्यारी बेटियाँ (कविता)

माँ बाप की प्यारी होतीं हैं बेटियाँ,  सुख का सागर होती हैं बेटियाँ | घर के आँगन को महकाने वाली,  घर की फुलवारी होतीं हैं बेटियाँ।  बिन बेटियों के सब त्यौहार भी सूने,  सूने पड़ जाते सावन के भी झूले।  घर के हर रस्म रिवाज़ों में भी,  बिन बेटियों के सब सगुन भी सूने।  ऐसी प्यारी बेटियाँ सिर्फ,  किस्मत वालों को ही मिलती हैं।  झोली भरती उनकी खुशी से,  जब वो उनके घर में पैदा होतीं हैं।  आओ हम सब मिलकर के,  कसम खायें एक साथ।  बेटियों का अस्तित्व बचाना ही,  अपना हो पहला अधिकार।  (दीप्ति सोनी) 

विद्यालय एक सुंदर मंदिर (कविता)

विद्यालय शब्द जितना है सुंदर,      उतना ही सुंदर अर्थ है इसका।  शिक्षा का है ये अद्भुत मंदिर,  जहाँ गुरु शिष्य का लगता मेला।  शिष्य नहीं होता जन्म से गुरु का,  पर ये कैसा अद्भुत नाता है।  गुरु की क्षत्र छाया में आकर के ही,  परिपक्व होती ये मिट्टी की काया है।  प्रकृति के अद्भुत आँगन में बैठ जब,  गुरुकुल का दीपक प्रज्ज्वलित होता है।  इससे प्रकाशित किरणों का स्वतः ही,  चारों ओर बसेरा होता है।  यह किरण है या कोई अंतद्रष्टि,  जो जीवन के मूल्य समझाती है।  इनको अपना कर कैसे बढ़ना है,  हर पल इसका बोध कराती है।  गुरु शिष्य की यह परम्परा जब,  विद्या के मंदिर में पोषित होती है।  तब जाकर एक नई चेतना भविष्य का आदर्श बनती है।  (दीप्ति सोनी)  School the word as much as is beautiful,  Equally beautiful is the meaning of it.  Education is one of these wonderful temple,  Where the guru disciple think of the fair.  The pupil does not from the birth of the master,  On these...

जीवन का रक्षक डॉक्टर (कविता)

जीवन का रक्षक है डॉक्टर,  डॉक्टर है हर मर्ज की दवा।  कोई भी बीमारी के आ जाने पर,  डॉक्टर को पाते अपने समक्ष खडा।  सम्मानित है ऐसा पद,  जो जीवन की हिफाजत करता है।  करके दिन और रात मेहनत,  रोगियों के दुःख दूर करता है।  इस धरती पर यदि कोई है,  जिसे भगवान का दर्जा प्राप्त है।  डॉक्टर है उस व्यक्तित्व का नाम,  जो हर पल देता अपनी कुशलता का प्रमाण है।  १ जुलाई डॉक्टर दिवस पर हम सब,  सभी चिकत्सकों को शीश नवाते हैं।  उनके एहसानों की गौरव गाथा,  आओ आज फिर से दोहराते हैं।  (दीप्ति सोनी)  English translation of this poetry Life is the savior of the doctor,  The doctor is every merge of the drug.  Any disease to come on,  The doctor find his before stand.  Is reputable this post,  Which life-safety is.  By day and night,,  Patients suffering of does away.  On this earth, if any,  Whom God status.  The doctor is that the personality of the name,  Which every mome...

आयुर्वेद का वरदान कोरोनिल (कविता)

जब संजीवनी बूटी ने दिया था,  लक्ष्मन जी को नया जीवन दान।  फिर क्यों माँग रहे हो बाबा रामदेव से,  कोरोनिल दवाई का तुम लोग प्रमाण।  ये भी है एक जड़ीबूटियों का मिश्रण,  फिर क्यों कर रहे हो इसका अपमान।  प्रमाण माँगने के चक्कर में पड़कर,  मरीज गवां रहे है हर दिन, अपनी जान।  वैसे तो रोज डाक्टर बता रहे,  काडा पियो दिन में तीन बार।  इम्युनिटी बढ़ाने के नुस्खे छिपे हैं,  आपकी घर की रसोई में हजार।  समझ नहीं आता है मुझको,  क्या सच में हम भारतवासी हैं।  जो जपते रहते एकता की माला,  पर दिल से कितने विरोधाभासी हैं।  आज यदि कोई पहल कर रहा,  इस धरा को इस संकट से बचाने में।  उपहास उडाया जा रहा उस व्यक्ति का,  जिसने आयुर्वेद को पहचान दिलाई,  अपने योग के माध्यम से।  सोचो समझो चेतना में आओ,  आयुर्वेद हमारी संस्कृति है।  इसके कण कण में छिपी है,  अनेक रोगों से लड़ने की शक्ति है।  यदि कोरोनिल सफल हो गयी  तो सोचो उस वक्त क्या होगा।  अमन शांति फैलेगी दुनिया में,  आयुर्वेद नम...

योग एक सुंदर साधना (कविता)

प्रकृति का संचार है योग,  मन को वश में करता योग।  योग की साधना पर चल कर,  शरीर हो जाता बिल्कुल निरोग।  गरीब,अमीर में भेद न करता,  करता प्रेरित इसका उपयोग,।  है कठिन मगर असंभव नहीं,  अपनाते इसे हर आयु के लोग।    योग है एक सुंदर साधना,  स्वाँस और मन के एकाग्रिता की।  प्रकाशित करती तन की काया,  एक तरंग उठती जब चेतना की।  आओ इस योग दिवस पर,  कुछ योग आसन अपनायें।  सुप्तावास्ता मैं पड़ी काया को,  फिर से ऊर्जावान बनायें।  (दीप्ति सोनी)  The nature of the communication is yoga,  Tame the mind does yoga.  Yoga of silence on the walk,  The body is absolutely healthy.  The poor,rich in distinguish does not,  Does the Apostle use it,.  Is hard but not impossible,  By adopting it, every age of people.  Yoga is a beautiful spiritual practice,  Class and mind with ecogra's.  Publishes the tan of physique,  A waveform sparkles when of consciousness.  Come...

खुशियाँ हमारी बड़ी अनोखी (कविता)

खुशियाँ हमारी बड़ी अनोखी,  अलग अलग रूप में आतीं।  कभी होठों पर, कभी दिलों में,  सुख की दस्तक दे जातीं।  जब होती खुशियों की बारिश,  जीवन उमंग से भर जाता।  कभी इधर तो कभी उधर,  खूशियों से आँगन भर जाता।  अपनों के लिए,कभी दूसरों के लिए,  कुछ करके जो मिलती है खुशी।  क्या बतलाऊँ उस पल दिल में,  बिछ जाती है सुकून की लडी।  खुशियाँ बड़ी हो या फिर छोटी,  यह सोचने की बात नहीं।  हर पल जीलो इन खुशियों को,  इससे बड़ी कोई सौगात नहीं।         (दीप्ति सोनी)