सेब पर कविता ( poem on Apple🍎🍏)
कभी हरा, तो कभी लाल, पर अंदर से मैं हूँ सफेद। पौष्टिकता से भरा हुआ, सबका प्यारा मैं हूँ सेब। जो कोई मुझको नियमित खाता, बीमारियों को वह दूर भगाता। रोगों से लड़ने की शक्ति मैं देता, जिसको मेरा स्वाद बहुत भाता। फाइबर, विटामिन से भरा हुआ, मैं सबके लिए बहुत खास हूँ। बारोहों महीने बाजार में मिलता, मैं प्रकृति का सुंदर उपहार हूँ। प्रेषक- दीप्ति सोनी