तिरंगा झंडा(कविता)
मैं स्वतंत्र भारत का प्रतीक, तिरंगा कहलाता मेरा नाम | तीन रंगों से सजा हुआ, बढ़ाता हूँ भारत की शान | केसरिया रंग मेरा मुकुट, साहस, बलिदान का जो है प्रतीक | शौर्य की ये गाथा बतलाता, प्रेरित करता इसका अस्तित्व | चौबीस तीलियों से सजा हुआ, मैं धर्म चक्र कहलाता हूँ | सफेद रंग में सुसोभित होकर, सत्य और शांति का पाठ पड़ाता हूँ | हरा रंग मेरा सबसे प्यारा, जो है समृद्धि का प्रतीक | इसमें रच बस कर ही, पोषित होता अखंडता का दीप | (दीप्ति सोनी)