हिन्दी दिवस पर कविता
नदी की धारा के समान चंचल भाषा, वो प्यारी भाषा हमारी हिन्दी है। हर प्रान्त की मिठास को समाहित किये, वो न्यारी भाषा हमारी हिन्दी है। हर अक्षर है इसका अद्भुत, जो हर शब्द को खास बनाता है। स्वरों की चादर में लिपटकर, हर वाक्य को अर्थपूर्ण बनाता है। भावनाओं के सागर में बहकर जब, कोई शब्द जुबान पर आता है। तब कोई लेखक हो या वक्ता, अपने मर्म को समझा पाता है। उस मर्म की गहराइयों को सहजता से, अभिव्यक्त कराती हमारी राष्ट्रभाषा हिन्दी है। भारत देश की शान है जो भाषा, वो भाषा हमारी हिन्दी है। वो भाषा हमारी हिन्दी है। प्रेषक - दीप्ति सोनी