कोरोना से जंग
खौफ के साये में है दुनिया, चारों ओर अंधकार समाया है। इस पृथ्वी पर मानो जैसे, एक राक्षस उतर कर आया है। मूक युद्ध कर रहा हर कोई इससे, कुछ और जी लेने की चाहत में। लाखों को निगल रहा यह हर दिन, बेखौफ होकर इस संसार में। तराजू में तोल कर रखदी इसने, संपन्न और मजबूत देशों की शक्ति। फैलाके जाल अपना इस संसार में, कमर तोड़ के रख दी सबकी। आशायें टूटती जा रही हैं सबकी, बेबसी का आलम छाया है। निरप्राध् मरते जा रहे लोगों को, कोई कंधा देने भी न आ पाया है। बदल चुकी है सबकी जीवनशैली, काम, काज और व्यवहार में। समाज की सामाजिकता भी छीन ली इसने, अपने भय के बाजार में। भुखमरी का आलम छा रहा, हर शहर और राज्य में। मेहनत कश आदमी भी मर रहा, अब रोजगार के अभाव में। न ही दिख रही कोई कश्ती, न ही दिख रहा कोई किनारा। जल्द ही इस राक्षस का नाश हो, कोरोना मुक्त हो ये संसार हमारा।। घर पर रहें और सुरक्षित रहें।।😷 ...