हम कृष्ण को भोग क्यों लगाते हैं
हमारे भारत देश में हिंदू परंपरा के अनुसार पूजा पाठ के उपरांत भगवान को भेंट स्वरूप भोग लगाने की परंपरा रही है तथा यह परंपरा प्रदर्शित करती है भगवान के प्रति भक्त के निश्चल प्रेम,भाव व आस्था को जिसे उस भक्त ने इस संसार में रहकर सीखा है, अपनाया है और अनुसरण उपरांत हर दिन अपने भोजन का कुछ भाग अपने आराध्य के प्रति भक्तिभाव pvjkसे समर्पित कर स्वयं को अनुग्रहित महसूस करता है।.अब प्रश्न उठता है कि भगवान कृष्ण को भोग क्यों लगाया जाता है? उन्होंने ही इस संसार में सब कुछ बनाया है। वही हर चीज के रचयिता हैं। उन्हीं से सब कुछ उत्पijnyन्न और उन्हीं में सब कुछ समाहित है। तब उनको भोग लगाने का क्या प्रयोजन रह जाता है? यह प्रश्न जितना ही गूढ़ है परंतु इसका उत्तर उतना ही मधुर, सुंदर, भावपूर्ण व धर्म के अनुसार है। यदि हम धर्म के दृष्टिकोण से देखेंगे तो पाएंगे कि यह संसार एक कुटुंब की भांति है जिस प्रकार हम अपने परिवार व कुटुंब में रहकर अपने बड़ों, छोटों को व अपने प्रियजनों को उनको सम्मान देने के लिए उनकी पसंद के अनुसार पकवान बनाकर उनको समर्पित करते हैं तथा यह व्यवहार बड़ों के प्रति...