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मृत्यु एक जटिल पहेली

मृत्यु एक ऐसा शब्द है जो अनगिनत प्रश्नों को जन्म देता है तथा व्यक्ति को उसके पूरे जीवन काल में अनेकों बार अपनी निश्चित्ता, भयावहता, मृत्यु के बाद की रिक्तता और गहरी शून्यता से सामना कराता है  तब, जब कोई व्यक्ति का प्रिय हमेशा के लिये उसे छोड़कर इस दुनिया से चला जाता है चाहे वे उसका सगा संबंधी हो, प्रिय पशु हो या पक्षी हो इत्यादि। किसी अपने प्रिय की मृत्यु हमेशा पीड़ादायक होती है और यही वजह मनुष्य को हमेशा यह अहसास कराती है कि एक दिन उसे भी इस दुनिया को छोड़कर जाना पड़ेगा। इसलिए मनुष्य के चेतन मन में कभी न कभी यह ही बात चलती रहती है कि मृत्यु का क्या अर्थ है, यह क्यों होती है तथा मृत्यु के बाद इंसान कहाँ जाता हैं? इत्यादि।  मेरे अनुसार " जीवन के अंत का नाम मृत्यु है। "   मृत्यु इस जीवन का कठोर तथा ऐसा विचलित कर देने वाला सत्य है जिसे प्राणी से जुड़े उसके सगे संबंधियों को ऐक्षिक व् अनेक्षिक रूप से इसे स्वीकार करना ही पड़ता है। जिसने भी इस नश्वर संसार में जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है और यह जीवन का अटल सत्य है। यह सत्य इतना भयावह है कि जिसके बारे में सोच...