कारगिल युद्ध के वीर जवानों(कविता)
ओ भारत माता के तुम वीर जवानों,
कारगिल युद्ध के तुम तीर कमानों।
तुमने भारत माता की लाज बचाई,
सीने पर अपने जब गोलियाँ खाईं।
धरा रक्त से लाल हुई तब,
साँसों में गूंजी बस मातृभूमि की शपथ।
अंतिम साँस तक लड़े तुम वीरों,
पर धीर न खोया तुमने रणधीरों।
दुश्मन दल का किया डट कर सामना,
उनको भी सूझा न बचने का कोई ठिकाना।
घुटने टेकने पर मजबूर हुआ तब,
भारत की ओर आँख उठाने वाला।
टाइगर हिल पर तिरंगा फहराकर,
तुम्हारे शौर्य से देश हर्षाया।
अपनी शहादत की गाथा लिखकर,
मातृभूमि का तुमने मान बढ़ाया।
कारगिल दिवस तुम्ही से शुशोभित,
दर्शाता है तुम्हारा अधम्य योगदान।
तुमने जीत की शिला रखी भारत में,
शहादत के लिखे गये तुम पैग़ाम।
कोटि कोटि नमन है ऐसे वीरों को,
जो देश की शान बढ़ाते हैं।
अपने प्राण न्यौछावर करके,
एक सच्चे योद्धा कहलाते हैं।
प्रेषक - दीप्ति सोनी
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