गाँधी जयंती पर महात्मा गाँधी के सुविचार
२ अक्टूबर, भारत देश के लिए बहुत खास है क्योंकि इस दिन भारत के राष्ट्रपिता कहे जाने वाले बापू का जन्म हुआ था। बापू का जन्म २ अक्टूबर १८६९ को गुजरात के तटीय शहर पोरबंदर में हुआ था। बापू का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। बापू न केवल स्वतंत्रता संग्राम के अहम सूत्रधार थे बल्कि एक कुशल राजनीतिज्ञ और समाजसुधारक भी थे। गाँधीजी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी विशेष योगदान दिया। उनका मूल मंत्र था- शोषण विहीन समाज की स्थापना करना। अतः उसके लिए सभी को शिक्षित होना चाहिए। क्योंकि शिक्षा के अभाव में एक स्वस्थ्य समाज़ का निर्माण असंभव है। उनका मानना था कि मेरे प्रिय भारत के बच्चों को 3H की शिक्षा अर्थात Head, Hand, Heart की शिक्षा दी जाये जो उन्हें स्वावलंबी बनाये। आज जहाँ व्यवसायिक और व्यवहारिक शिक्षा पर जोर दिया जाता है जो देश की एकता में आत्मीयता के अभाव का सबसे बड़ा कारण है। वहीं दूसरी ओर गाँधीजी ने ऐसी शिक्षा पदधति पर जोर दिया जिसमें न केवल मानसिक बल्कि मानसिक, शरीरिक, नैतिक और अध्यात्मिक शिक्षा का पूर्ण रूप से समावेश हो ताकि देश के बच्चे न केवल स्वावलंबी बन पाये बल्कि एक अच्छा इंसान और आत्...