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अगस्त 1, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हॉकी टीम की अविस्मरणीय जीत पर कविता

हॉकी टीम के जांबाज़ शेरों ने,  क्या कमाल करके दिखलाया है।  ४१ साल बाद इतिहास रचकर,  ओलंपिक में देश का गौरव बढ़ाया है।  जश्न मन रहा देश के हर कोने में,  ध्यानचंद की भी याद आज आई है।  ख़ुशी के आँसु बह निकले आँखों से,  हर कोई दे रहा तुमको आज बधाई है। ये सच्चा जज्बा और जुनून ही था,  जिसने इस सपने को साकार किया।  इस जीत का आलिंगन करके तुमने,  कांस्य पदक को अपने नाम किया।  कांस्य पदक अब जीता तुमने,  आगे गोल्ड पदक भी लाओगे।  अविस्मरणीय रहे इस कड़े मुकाबले को,  तुम कभी न भूल पाओगे।  सलाम करता है तुम्हे पूरा भारत,  तुमने हॉकी को नया जीवन दान दिया।  आँखों में एक नई उमंग भरके,  हॉकी को फिर से सही मुकाम दिया।  प्रेषक - दीप्ति सोनी

राम मंदिर शिलान्यास की पहली वर्षगांठ के जश्न पर लेख

 राम मंदिर के शिलान्यास को जो पिछले वर्ष ५ अगस्त २०२० को वर्त्तमान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा हुआ था, आज अपने १ वर्ष पूरे कर चुका है। पिछले वर्ष इसी दिन पूरी अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। हर तरफ जय श्री राम का उद्घोष गुंजायमान हो रहा था मानों श्री राम अयोध्या में फिर से अपने १४ वर्षों का वनवास पूरा करके माता जानकी और भाई लक्ष्मण के साथ लौट रहे  हो तथा सभी उनके आगमन के स्वागत की तैयारियों में इतने रत थे कि उन्हें न तो  दिन का पता था और न रात का। वह समय कोई कल्पना का नहीं वास्तविकता का जीता जागता उदहारण था जो चरितार्थ हुआ सैंकड़ों रामभक्तों के बलिदानों, उनके द्वारा किये गए निरंतर अथक प्रयासों, आमजनमानस के अटूट विश्वास  तथा न्यायालय के निष्पक्ष निर्णय के कारण। इसमें कोई संदेह नहीं इसको अपने मुकाम तक पहुँचने में ५०० वर्षों का एक लम्बा समय लगा पर अंत में असत्य पर सत्य की जीत हुई और यह जीत सिर्फ सनातन धर्म में विश्वास रखने वालों की ही नहीं अपितु उस स्वाभिमान की भी थी जो हमें ह्रदय से हिन्दू होने का गौरव भी प्रदान करत...

भारत की बेटियाँ, देश का गौरव (कविता)

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बहुत खुशी होती है दिल में जब,  देश की बेटियाँ इतिहास रचती हैं।  कभी शिक्षा में, कभी खेल जगत में,  नित्य नये नये आयाम वो गड़ती हैं।  कोई क्षेत्र अब इनसे न अछूता,  हर क्षेत्र की अब वो पहचान हैं।  नारी है पर अब अबला नहीं,  दे रहीं इसका साक्षात प्रमाण है।  बाँधाओं को रौंधकर जिन्होंने,  कभी न थकना सीखा है।  चुनौतियों का मुकाबला करके,  अपने सपनों का रथ स्वयं खींचा है।  सलाम है ऐसी मातृशक्तियों को,  जो महिला सशक्तिकरण की मिसाल हैं।  वो सच में भारत की शान है,  वो सच में भारत का अभिमान हैं।  प्रेषक- दीप्ति सोनी

मित्रता दिवस का महत्व (लेख)

प्रत्येक वर्ष हम सभी अपने मित्रों को याद करने के लिए, उनके हमारे जीवन में साथ होने के लिए व उनके प्रति अपने निश्चल प्रेम, उदारता,और अपनेपन का अहसास व्यक्त करने के लिए अगस्त महीने के प्रथम रविवार को अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस मनाते हैं तथा कार्डस,फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने मित्रों को मित्रता दिवस की शुभकामनाएं भी देते हैंं। इस अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस का विचार पहली बार 20 जुलाई 1958 को डॉ रामन आर्टिंमियों ब्रेको द्वारा प्रस्तावित किया गया था।  हर व्यक्ति के जीवन में मित्रता शब्द का एक विशेष स्थान है। मित्रता शब्द में एक ऐसी एकता का आभास होता है। जो किसी भी अच्छी और बुरी परिस्तिथि में मिटाई न जा सके और ऐसा बंधन जो जाति, धर्म, रंग- भेद, गुण- अवगुण, गरीबी- अमीरी व आयु की सीमाओं से मुक्त हो। हमारे जीवन में हर रिश्ते का अपना अलग महत्व है पर मित्रता का महत्व हर रिश्ते के ऊपर और कुछ अलग और बहुत खास है। जीवन में सच्चे और अच्छे मित्रों के बिना हम खुशहाल जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। सच मानिये हमारा जीवन किसी भी आयु के पड़ाव पर अच्छे मित्रों के बिना नीरस और ...