राम मंदिर शिलान्यास की पहली वर्षगांठ के जश्न पर लेख
राम मंदिर के शिलान्यास को जो पिछले वर्ष ५ अगस्त २०२० को वर्त्तमान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों द्वारा हुआ था, आज अपने १ वर्ष पूरे कर चुका है। पिछले वर्ष इसी दिन पूरी अयोध्या नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया था। हर तरफ जय श्री राम का उद्घोष गुंजायमान हो रहा था मानों श्री राम अयोध्या में फिर से अपने १४ वर्षों का वनवास पूरा करके माता जानकी और भाई लक्ष्मण के साथ लौट रहे हो तथा सभी उनके आगमन के स्वागत की तैयारियों में इतने रत थे कि उन्हें न तो दिन का पता था और न रात का। वह समय कोई कल्पना का नहीं वास्तविकता का जीता जागता उदहारण था जो चरितार्थ हुआ सैंकड़ों रामभक्तों के बलिदानों, उनके द्वारा किये गए निरंतर अथक प्रयासों, आमजनमानस के अटूट विश्वास तथा न्यायालय के निष्पक्ष निर्णय के कारण। इसमें कोई संदेह नहीं इसको अपने मुकाम तक पहुँचने में ५०० वर्षों का एक लम्बा समय लगा पर अंत में असत्य पर सत्य की जीत हुई और यह जीत सिर्फ सनातन धर्म में विश्वास रखने वालों की ही नहीं अपितु उस स्वाभिमान की भी थी जो हमें ह्रदय से हिन्दू होने का गौरव भी प्रदान करत...