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चंदा मामा

मैं हूँ रात का उजाला,  चंदा मामा मेरा नाम | हर दिन मैं आकार बदलता,  मिटाता हूँ रात्रि का अंधकार | गोल गोल सा मैं बन जाता,  जब आती पूर्णमासी पास | अपनी सफेद चाँदनी बिखराकर,  रोशन करता मेरा प्रकाश | धरती का मैं भाई कहलाता,  बच्चों का मैं मामा हूँ | तारों के साथ हर रात मैं चमकता,  रात्रि को रोशन कर जाता हूँ |                                                                               (दीप्ति सोनी)