सरदार मिल्खा सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि(कविता)



दौड़ में थी तूफानी रफ़्तार, 
शरीर में स्फुर्ति का बल था। 
दिल में थी देश प्रेम की चाहत, 
आँखों में बस जीत का जुनून था। 

वो सच्चे धावक, सच्चे सैनिक, 
वो लम्बी रेस के तेज योद्धा थे। 
नाम उनका सरदार मिल्खा सिंह, 
वो खेल जगत का सच्चा हीरा थे। 

बटवारे का दंश झेलकर जिसने, 
हर मुश्किल बंधाओं को रौंधा था। 
लक्ष्य साधकर मंजिल को छूना, 
उनके व्यक्तित्व का ये खास गुण था। 

आखिरी नमन आपको फ्लाईंग सिख,
आप सच में नौजवानों की प्रेरणा थे। 
चुस्ती, फुर्ती, बलिदान की सच्ची मूरत, 
आप भारत का अविस्मरणीय गौरव थे। 

           !!ओम शांति ओम!! 

प्रेषक- दीप्ति सोनी

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