हनुमान जी का जीवन एक प्रेरणास्त्रोत
परम राम भक्त हनुमान जी को आज कौन नहीं जानता है। इस कलियुग में हनुमान जी ही एक ऐसे प्रभावशाली भगवान् के रूप जाने जाते हैं जिन्हें अमरता का वरदान प्राप्त है। जिन्हें आज हम उनके कई नामों से जानते व भजते हैं जैसे पवनपुत्र हनुमान, अंजनिसुत, बजरंगबलि, महाबली इत्यादि। उनके नाम मात्र को जपने से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। उनका जीवन स्वयम् में इतना प्रभावशाली है जिससे प्रभावित होकर प्रत्येक व्यक्ति न केवल एक सज्जन नागरिक बन सकता है बल्कि अपने जीवन में आने वाली हर कठिनाइयों व परेशानियों को अपनी बुद्धिमता व बल से पार करके अपनी मंजिल तक पहुँचकर अपने जीवन को सफल बना सकता है।
अतः हनुमान जी के जीवन से हमें यह निम्नलिखित प्रेरणा मिलती है।
1- जब तक काम पूरा न हो, हमें विश्राम् नहीं करना चाहिए।
2- हर मुश्किल समय में अपना धैर्य बनाये रखना चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर हम अपनी बुद्धि, विवेक का सही तरह से सदुपयोग करके बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान आसानी से निकाल सके।
3- हमें सदैव ही अपने कार्यों के प्रति समर्पण का भाव रखना चाहिए क्योंकि समर्पण का भाव ही किसी किये गये कार्य को श्रेष्ठ बनाता है।
4- जिस प्रकार हनुमान जी ने रामसेतु बनते समय अपने कुशल नेतृत्व का प्रमाण दिया था। उसी तरह हमें भी जरूरत पड़ने पर अपने अनुभवों के अनुसार कुशल नेतृत्व से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।
5- हमें किसी की भावनाओं को आहत किये बिना अपनी चतुराई व संवाद कौशल से काम निकलवाना आना चाहिए।
6- हमें हमेशा अपने माता पिता व गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए।
7- कभी भी अपने आदर्शों, सामाजिक व नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहिए।
8- कभी भी अपनी शक्तियों, गुणों, ज्ञान व बल का अनुचित उपयोग नहींं करना चाहिए और न ही उन पर अभिमान करना चाहिए वरन् इनका उपयोग समाज हित के लिए और धर्म का पालन करने के लिए ही करना चाहिए।
9- हमेशा स्त्रीजाति का सम्मान करना चाहिए एवं अपने से बड़े व छोटों के साथ विनम्रता पूर्वक व्यवहार करना चाहिए।
10- हमें हमेशा अपने प्रभु के प्रति आस्था व विश्वास रखना चाहिये क्योंकि प्रभु के प्रति विश्वास में वो शक्ति होती है जिसके होने से एक कमजोर से कमजोर इंसान भी अपने आपको विषम परिस्थितियों में भी सफलता की ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
अतः हनुमान जी का जीवन वास्तव में सभी के लिए प्रेरणा लेने योग्य है।
प्रेषक- दीप्ति सोनी
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